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आयुर्वेद में घी का उपयोग

हमारे आयुर्वेद में भी बताया गया है। की घी में पानी को मिलाकर मिश्रण बना लें फिर इसे माइसराइजर की तरह हम उपयोग कर सकते हैं। शुद्ध जी को बाल में लगाने से बाल कोमल हो जाते हैं।

घी बालों की लंबाई बढ़ाने में भी सहायक होती है। वह बाल पकने से भी यह रोकते हैं शुद्ध घी की सहायता से आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स को भी कम कर देता है।

शुद्ध गाय के घी को औषधीयो के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। शुद्ध घी खाना को पचाने में मदद करता है। शुद्ध घी वात और पित्त दोष को समान रूप से कार्य करने में सहायक होती है।घी पाचन शक्ति को बढ़ाती है। अगर आप ने भारी भोजन किया है ,तो शुद्ध देसी घी इसे पचाने में बहुत मदद करता है।

घी शरीर में हल्का पन लाता है। जिससे हम बहुत अच्छा महसूस करते हैं। शुद्ध देसी घी इंद्रियों में अच्छी शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। तथा हमारा शरीर हष्ट पुष्ट रहता है। जिससे हम अपने स्वास्थ्य को अच्छे से रखने में सहायता मिलती है।

अगर आपको कब्ज की समस्या बनी रहती है। तो शुद्ध देसी गाय के घी को उपयोग करके कब्ज को दूर कर सकते हैं। इसमें सोने से पहले गर्म दूध में एक चम्मच गाय का घी मिलाकर पीना चाहिए इससे कब्ज दूर हो जाता है। और हमें लाभ मिलता है।

नकारात्मक चीजों को दूर करने में घी का उपयोग बहुत ही लाभप्रद होता है । इसे हम यज्ञ के माध्यम से भी इनका उपयोग नकारात्मक चीजों को दूर करने के लिए किया जा सकता हैं।

शुद्ध देसी 1लीटर घी बनाने में कितना लीटर दूध लगता हैं।

शुद्ध देसी 1लीटर घी बनाने में दूध की मात्रा 30 लीटर दूध लग जाता है तब आप सोच सकते हैं। कि मार्केट में जो बहुत सस्ता दूध मिलता है। वह कैसे शुद्ध हो सकता है । आप ही विश्लेषण करके देखिए कि 1 लीटर दूध 30 से ₹40 लीटर में मिलता है। तो 30 लीटर दूध का मूल्य 1200रु होता है । तो शुद्ध देसी घी कैसे सस्ता मिल सकता है। इसलिए मिलावट के दुनिया से बाहर आकर शुद्ध देसी घी का उपयोग करें मिलावट से दूर रहें ।

मिलावट वाला घी हमारे शरीर के लिए बहुत ही घातक है। और हमारे परिवार के लिए भी इसलिए मिलावटी घी से दूर रहें और शुद्ध घी का ही उपयोग करें । ताकि हम स्वस्थ रह सकें और अपने परिवार को भी स्वस्थ रख सकें

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