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गौमाता के गोबर से बने कंडे हमारे वातारण के लिए है। लाभकारी

हमारे घर के नकारात्मक दोषों को खत्म करते हैं। गोबर के कंडे और दिलाते हर प्रकार से लाभ हैं।

हमारे हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गोबर के कंडे बहुत ही लाभदायक होते हैं। घर में यदि इनका उपयोग किया जाए तो कोई बाधा आपको परेशान नहीं करती है।

घर में गोबर के कंडे का धुंआ करने से कभी भी नकारात्मक दोष उत्पन्न नहीं होते हैं। साथ ही जो भी नकारात्मक दोष घर में होते भी हैं। वे भी दूर हो जाते हैं। आइये हम जानते हैं। कैसे गोबर के कंडे इतने हमारे लिये व पर्यावरण के लिए लाभदायक हैं।

1. वास्तु के अनुसार गोबर के कंडों का धुंआ घर में करने से परिवार के सदस्यों के जीवन को नकारात्मक ऊर्जा किसी को प्रभावित नहीं करती है।

2. घर या मंदिर में पूजा के समय गोबर के उपले जलाने से इसके शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं। घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचय बना रहता हैं।

3. गोबर के कंडे को जलाकर उसमें कपूर और देसी घी डालकर उसका धुंआ घर में करना अच्छा माना जाता है। इससे वातारण मे उपस्थित विषाणु नष्ट होते है।

4. गोबर के उपलों को जलाकर उसपर पीली सरसों डालकर जलाने से घर में धुंआ करें जिससे घर के वास्तु को ठीक करता हैं।

5. अपने घर में गोबर के कंड़े का धुंआ करने से घर में माता लक्ष्मी का वास रहता हैं। और साथ ही धन के फालतू के खर्च से भी बचा जा सकता है।

6. पूजा पाठ में भी गोबर के कंड़ों का धुंआ करना बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है।

7. पूजा पाठ में गोबर के कंडे को जलाकर उसमें कपूर,बताशे और लौंग अर्पण करना बहुत ही शुभ माना गया हैं।

8. नियमित रूप से घरों में गोबर के कंडे जलाने से किसी भी प्रकार के वास्तु दोष का अंत करने में मदद मिलती हैं।

9.गाय के गोबर को शास्त्रों के अनुसार बहुत ही शुद्ध और लाभकारी माना जाता है। इसलिए पूजा के दौरान इसका प्रयोग करने से अवश्य ही लाभ मिलता है।

10.सांय काल गोबर के उपले का धुंआ घर में करना चाहिए इससे घर में लक्ष्मी जी का वास होता है। व कई प्रकार की बीमारी व परेशानियां समाप्त होती हैं।

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