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घी (Ghee)

घी

       दूध से निकाले गए मक्खन या मलाई को गर्म करके बनाया जाता है, पकने के बाद छाछ के अंश को अलग करने से जो पदार्थ तैयार होता है, उसे घी कहते हैं।भारत में हमारे आयुर्वेद में इसका उपयोग तेल के स्थान पर भी किया जाता है।

      घी के फायदे

      घी का सेवन करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। बुजुर्ग लोग और आयुर्वेद में भी इसीलिए घी खाने की सलाह देते हैं,दरअसल घी के अनगिनत फायदे होने के कारण ही इसे इतना महत्व दिया जाता है।भोजन में घी को शामिल करने से न सिर्फ आप शारीरिक रूप से मजबूत बनेंगे, बल्कि स्वस्थ भी रहेंगे।

  1. अच्छे पाचन के लिए लाभकारी
  2. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लाभकारी
  3. कमजोरी दूर करने में
  4. मानसिक रोगों में लाभकारी
  5. यादास्त बढ़ाने में लाभकारी

घी का उपयोग

         हमारे आयुर्वेद में घी का उपयोग कई औषधीय गुणों के कारण दवाओं में भी किया जाता है  बताया गया है। शुद्ध घी को बाल में लगाने से बाल कोमल हो जाते हैं। घी बालों की लंबाई बढ़ाने में भी सहायक होती है। वह बाल पकने से भी यह रोकते हैं शुद्ध घी की सहायता से आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स को भी कम कर देता है। शुद्ध गाय के घी को औषधीयो के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। शुद्ध घी खाना को पचाने में मदद करता है। शुद्ध घी वात और पित्त दोष को समान रूप से कार्य करने में सहायक होती है।घी पाचन शक्ति को बढ़ाती है। अगर आप ने भारी भोजन किया है ,तो शुद्ध देसी घी इसे पचाने में बहुत मदद करता है।

    घी शरीर में हल्का पन लाता है। जिससे हम बहुत अच्छा महसूस करते हैं। शुद्ध देसी घी इंद्रियों में अच्छी शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। तथा हमारा शरीर हष्ट पुष्ट रहता है। जिससे हम अपने स्वास्थ्य को अच्छे से रखने में सहायता मिलती है। अगर आपको कब्ज की समस्या बनी रहती है। तो शुद्ध देसी गाय के घी को उपयोग करके कब्ज को दूर कर सकते हैं। इसमें सोने से पहले गर्म दूध में एक चम्मच गाय का घी मिलाकर पीना चाहिए इससे कब्ज दूर हो जाता है। और हमें लाभ मिलता है।

घी का लाभ

   आयुर्वेद में घी का उपयोग नकारात्मक चीजों को दूर करने में  बहुत ही लाभप्रद होता है । इसे हम यज्ञ के माध्यम से भी इनका उपयोग नकारात्मक चीजों को दूर करने के लिए किया जा सकता हैं।घी हमारे भोजन का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसके कई फायदे हैं। आयुर्वेद के अनुसार, घी छोटी आंतों की पाचन क्षमता में सुधार करता है। घी ओमेगा -3 फैटी एसिड का एक प्रमुख स्रोत है।

    कई शोधों के अनुसार A2 प्रोटीन A1 प्रोटीन से बेहतर है। यह माना जाता है कि गायों के भारतीय नस्ल (देसी) के दूध में अधिक A2 प्रोटीन होता है, और इसलिए देसी गायों के दूध से बिलोना विधि से बने घी को A2 देसी गाय के घी के रूप में कहा जाता है। गाय के दूध में ए 1 और ए 2 और ए 2-केसीन प्रोटीन दोनों होते हैं। ए 2 देसी गाय घी एक स्वदेशी और सक्रिय जीवन शैली को बढ़ावा देने में एक बेहतर है यह एंटीऑक्सिडेंट, स्वाद में अद्भुत, बहुत स्वस्थ और पाचन के लिए अच्छा है और इसके मुख्य गुणों में से एक एमिनो एसिड होता है। विटामिन के इसके महत्वपूर्ण स्रोत ए, डी, ईएंडके हैं।

      हम जानते हैं कि A2 देसी गाय के घी में एक उच्च गलनांक (aprox 450 डिग्री F) होता है और घी उच्च ताप वाले टेम्परेचर में अपनी खुद की प्रॉपर्टी नहीं गिराता है, इसलिए हम बिना पोषण हानि के घी में टेस्टी भोजन बना सकते हैं।

शुद्ध देसी 1लीटर घी बनाने में कितना लीटर दूध लगता हैं।

      शुद्ध देसी 1लीटर घी बनाने में दूध की मात्रा 30 लीटर दूध लग जाता है तब आप सोच सकते हैं। कि मार्केट में जो बहुत सस्ता दूध मिलता है। वह कैसे शुद्ध हो सकता है । आप ही विश्लेषण करके देखिए कि 1 लीटर दूध 30 से ₹40 लीटर में मिलता है। तो 30 लीटर दूध का मूल्य 1200रु होता है । तो शुद्ध देसी घी कैसे सस्ता मिल सकता है। इसलिए मिलावट के दुनिया से बाहर आकर शुद्ध देसी घी का उपयोग करें मिलावट से दूर रहें । मिलावट वाला घी हमारे शरीर के लिए बहुत ही घातक है। और हमारे परिवार के लिए भी इसलिए मिलावटी घी से दूर रहें और शुद्ध घी का ही उपयोग करें । ताकि हम स्वस्थ रह सकें और अपने परिवार को भी स्वस्थ रख सकें

अपने आप को और अपने परिवार को मिलावट से बचने के लिए और एक स्वस्थ जीवन शैली देने के लिए, आज Goushrestha A2 देसी गाय घी  ऑर्डर दें।

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