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देशी गाय का ही,घी क्यो खाना चाइए

देशी गाय का घी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक माना गया हैं। हमारे बुजुर्ग भी कहा करते थे कि देशी गाय का ही घी खाना चाइए लेकिन कुछ गलत धारणा बना दिया गया हैं।की घी में फैट होता हैं।इसी कारण अभी रिफायन तेल का उपयोग बहुत बढ़ गया हैं।
                             लेकिन हमें कुछ भी उपयोग करने से पहले घी के फायदे अवश्य जानना चाइए ताकि हम अपने स्वाथ्य के प्रति सजग हो जाये हमारे न्यूट्रिशन भी बताते हैं।कि हमारे दिमाग के लिए घी बहुत ही लाभकारी है।घी हमारे सुंदरता को बढ़ाने में मदद करता है।
                           अगर ठंड के दिनों में आपके होंठ फट रहे हैं, तो घी लगाने से ओंठ ठीक हो जाता है। और हमारी कंपनी शुद्ध देसी प्रोडक्ट ने शुद्ध देसी घी का निर्माण किया है ।जो देसी गाय के दूध से बना हैं।

बिलोना पद्धति से बना घी होता हैं,लाभप्रद
                          
                                घी बनाने की बिलोना पद्धति हमारे वैदिक काल से ही चला आ रहा है। आगे हम जानते हैं। बिलोना पद्धति से घी कैसे बनाया जाता है। सबसे पहले दूध को गर्म किया जाता है,फिर इस दूध का दही बनाया जाता है, दही बनने के बाद इसी दही को लकड़ी के सहायता से अच्छी तरह बिलोया जाता है, फिर इससे मक्खन निकलता है । उसके बाद निकला हुआ मक्खन को गर्म करके ही घी बनाया जाता है।
                                यह सारी प्रक्रिया मिट्टी के बर्तनों में व हाथों से किया जाता है। इस बिलोना पद्धति से बना घी बनाने में बहुत मेहनत व समय लगता है। इसलिए यह शुद्ध होता है
देसी घी जो बिलोना पद्धति से बनता है। इस लिए यह महंगा होता है, इसे स्वास्थ्य के लिए खजाना भी बोला गया है।
                               क्योंकि यह पूरी तरह शुद्ध होता है।यह शरीर को जवा रखता है।तथा शरीर को तंदुरुस्त बनाए रखने में भी सहायता करता है,शुद्ध देसी घी, की सुगंध बहुत ही अच्छी होती है। मिट्टी के बर्तन में बने घी हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी होता है।

A1 व A2 घी में अंतर
                               A1  गाय हमारे भारत में भी पाई जाती है। व विदेशों में a1 टाइप की ही गाय अधिक मिलती है। इन्हें हाइब्रिड की गाय कहा जाता है,एवं गाय के दूध में एक अलग प्रकार का अमीनो एसिड पाया जाता है जिसको हिस्ट्रीडाईन (histidine) कहते हैं।
                           लेकिन A2 दूध हमें प्राप्त होता है प्राचीन ब्रीड के गाए से जो बहुत पुरानी ब्रीड है। जिसे हम देसी गाय कहते हैं। a2 घी में बीटा – कैसीन और प्रोटीन होते हैं। आयुर्वेद में भी  a2 घी को ही अच्छा माना जाता है। भारतीय गाय के दूध में ही a2 बीटा कैसीन पाया जाता है। यह a2 शुद्ध देसी गाय का घी हमारे स्वास्थ्य शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।
                       आयुर्वेद में भी माना गया है।देशी गाय का घी बहुत ही शुद्ध होता हैं। पूजा व खाने में घी का उपयोग भारत में अधिकतर किया जाता हैं।।

मानव शरीर के लिए घी के फायदे
                        भोजन सभी प्राणियों की प्राथमिक आवश्यकता है। हमारे भारतीय संस्कृति परंपरा में हृदय की प्राथमिक या ऊपरी परत का अन्नमय कोष कहा जाता है। मनुष्य शरीर का निर्माण हमारे अन्न से होता है। हमारे उपनिषदों में भी उनकी महिमा का उल्लेख किया गया है।
                         आज के भाग दौड़ के जीवन में हम इस अन्न को फास्ट फूड खाद्यय कहते हैं। यह काफी दिनों तक बिना सड़े उपयोग योग्य बना रहता हैं। लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होता है।।  
                          हमारे ऋषि-मुनियों के लिए घी फ्री पदार्थ हुआ करता था ।अथर्ववेद में गाय को क्षति पहुंचाना अपराध माना गया है ।और गौमाता के घी को अमृत के रूप में माना जाता है।    
                          अग्निक्षेत्र में अन्य पदार्थों के साथ घी को विशेष माना गया है। जिनके बिना अग्निहोत्र संपन्न ही नहीं हो सकता यजुर्वेद में घी का उपयोग करना , बहुत शुभ माना गया है । घी को वेद में यज्ञ की उपाधि दी गई है। घी प्रदूषण निवारण व पर्यावरण शोधक माना गया है।      

पूजन यज्ञ में घी का उपयोग
                            
                          पूजा-पाठ व धार्मिक कार्यों में दूध, देसी गाय का घी का विशेष महत्व है।यज्ञ करते समय घी से आहुति देने पर व घी का दीपक जलाने पर जो धुआ निकलता है। वह धुंआ हमारे वातावरण के लिए भी लाभकारी होता है। यह धुए से वायु में मौजूद हानिकारक विषाणु को नष्ट कर देता है। और नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है तथा वातावरण में पवित्रता लाता है।
                
शुद्ध घी से रोग दूर रहता हैं व उपचार के लिए भी लाभप्रद हैं।
                          शुद्ध देसी घी का सेवन करने से वजन व शुगर जैसी बीमारी होने का खतरा कम बना रहता है। साथ ही हमारे मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता है। घी वजन को भी नियंत्रित रखता है। देसी गाय का घी खाना ही नहीं इसे उपचार के लिए भी उपयोग में लिया जाता है। जो बहुत ही लाभप्रद माना गया है।
                         घी कफ को भी दूर करने में सहायक है। घी को थोड़ा गर्म कर उसमें थोड़ा सा नमक डालकर छाती व पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है।
                          देसी गाय के घी में विटामिन 2 पाया जाता है। जो खून सेल्स में जमा कैल्शियम को हटाने का कार्य करता है। इसे हमारा ब्लड सरकुलेशन सही रहता है। देसी घी हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। जिससे बीमारियों से लड़ने की हमे ताकत मिलती है।
                   शुद्ध देसी गाय का घी शरीर में जमा फैट को गलाकर विटामिन में बदलने का कार्य करता है। इसके अलावा खाने में गाय का घी मिलाकर खाने से खाना जल्दी पच जाता हैं। जिससे हमारा शरीर स्वस्थ व तंदुरस्त बना रहता हैं।

          शुद्ध देसी प्रोडक्ट का उद्देश्य
शुद्ध देसी प्रोडक्ट का उद्देश्य यह है कि हम शुद्ध से शुद्ध देसी घी आप तक पहुंचाएं ताकि सब मिलावटी की दुनिया से बाहर आकर हमारे जीवन को स्वस्थ व सुंदर और समृद्ध बना सके
                           धन्यवाद

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