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A2 घी के फायदे

A2 घी

आधुनिक जीवन और व्यस्त कार्यक्रम के साथ, हर इंसान फिट और स्वस्थ रहना चाहता है। ऐसे में बात आती है की हम क्या करे की हम अपने भागदौड़ भरी जिंदगी में भी हम स्वस्थ रह सके| ऐसे में  हम देशी घी को अपने रोजाना खानपान में शामिल करके हम अपने शरीर को स्वस्थ रखने  में मदद कर सकते है

भारत में सदियों से घी आहार और भोजन में एक मूल तत्व रहा है। आयुर्वेद में तो देसी गाय के घी को अमृत समान माना जाता है जिससे सौ से भी ज्‍यादा गुण होते है जो दवा की तरह काम करते है। इसके रेगुलर इस्‍तेमाल आपका वेट कंट्रोल में रखता है, बॉडी को ताकत और हड्डियों को भी मजबूती मिलती है। हमारे बाजार में दो प्रकार के घी उपलब्ध है  A1 और A2 घी A2 ही क्यों चुने .?

A1 घी विदेशी नस्लों के गाय के दूध से बनता है  इसमें  A1 प्रोटीन होता है जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि यह शरीर के तापमान पर पचता नहीं है जिससे विभिन्न प्रकार के रोग हो सकते हैं जबकि A 2  घी  देसी नस्लों के गाय के दूध से परंपरागत तरीको से बनाया जाता  है इसमें A 2 प्रोटीन पाया जाता है यह A2 घी आसान पाचन, मजबूत हड्डियों, खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और वजन घटाने में मदद करता है।

A2 घी के विभिन्न फायदे:-

  1.  ऊर्जा का अच्छा स्रोत: घी ऊर्जा का अच्छा स्रोत है। इसमें मध्यम और लघु-श्रृंखला फैटी एसिड होते हैं, “जिनमें से, लॉरिक एसिड एक शक्तिशाली रोगाणुरोधी और एंटी-फंगल पदार्थ है।
  2.  पाचन में मदद करता है: गौश्रेष्ठ a2 गाय का घी पेट के एसिड के स्राव को उत्तेजित करके पाचन में सुधार करने में मदद करता है। यह ब्यूटिरिक एसिड से भी भरपूर होता है जो सूजन को कम करने में मदद करता है और भोजन को पचाने में मदद करता है।
  3.  कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखें दिल के लिए अच्छा: मक्खन के विपरीत, घी में लंबे और छोटे संतृप्त फैटी एसिड का सही मिश्रण होता है। यह रचना घी को पचाने में आसान बनाती है। इसमें मक्खन जैसे वसा की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (PUFA) सामग्री होती है
  4.  वजन घटाने में मदद: घी तेजी से पाचन और भोजन के अवशोषण में सहायता करता है। घी पाचन प्रक्रिया को धीमा करने वाले अन्य तेलों के विपरीत, पाचन में सहायता के लिए पेट के एसिड के स्राव को उत्तेजित करता है
  5.  त्वचा के लिए अच्छा: घी त्वचा पर रैशेज, एलर्जी और रूखेपन के इलाज में कारगर बताया गया है। यह आवश्यक फैटी एसिड में समृद्ध है। इन ओमेगा -3 और ओमेगा -6 फैटी एसिड की कमी टॉड त्वचा (फ्रिनोडर्मा) और अंगों पर सींग के फटने के रूप में प्रकट होती है

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